जहन्नुम की गहराई

जहन्नुम की गहराई

दोजख (जहन्नुम) की गहराई

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : 

"एक पत्थर को जहन्नम के किनारे से फेंका गया, वह सत्तर साल तक उस में गिरता रहा मगर उस की गहराई तक नहीं पहुंच सका।"

📕 मुस्लिम : ७४३५

Courtesy © Ummat-e-Nabi.com
Mohammad Salim

Founder, Designer & Developer of Ummat-e-Nabi.com | Worlds first Largest Islamic blog in Roman Urdu.

Post a Comment

Previous Post Next Post